Essay on My First Train Journey in Hindi-for students

मेरी पहली रेल यात्रा पर निबन्ध/ Essay on My first train journey in Hindi

मैं जब 10 साल का था तब मैंने पहली बार रेलगाड़ी का सफ़र किया था। मैं पहली बार जम्मू से लखनऊ के लिये रेलगाड़ी में बैठा था।

मेरी पहली रेल यात्रा बहुत ही यादगार रही। जम्मू से लखनऊ तक का यह सफर लगभग 21 घंटे का था।

हम लखनऊ में एक शादी में गए थे। तो यहाँ से हमारे साथ हमारे बहुत से रिश्तेदार भी गऐ थे। हम सभी की सीट एक ही डिब्बे में आस-पास ही थीं।

essay on train journey in hindi

सभी बच्चों ने मिलकर ट्रेन में खूब मस्ती की। हम जम्मू से रात 8 बजे ट्रेन में बैठे थे और अगले दिन शाम 5 बजे लखनऊ पहुँचे। हमारा स्लीपर सीट का टिकट था तो हम लोग रात में अपनी अपनी सीट पर सो गए।

सुबह उठते ही हम सब बच्चों नें मस्ती शुरू कर दी। हम कभी इधर भागते कभी उधर। एक स्टेशन पर हमारी रेलगाड़ी रुकी तो हमरे रिश्तेदार वहाँ उतरकर सामान लेने लगे।

वह लोग सामान लेने में इतने व्यस्त हो गए कि उन्हें समय का पता नहीं लग पाया और हमारी ट्रेन चलने लगी। वो लोग वहीं पर रह गए।

फ़िर सब लोग बहुत परेशान हो गए। सब सोचने लगे कि अब क्या करें। फिर मेरे पापा ने उन्हें फोन करके सुझाव दिया कि आप अगली आने वाली ट्रेन से आ सकते हैँ।

उन्होंने भी ऐसा ही किया, वो अगली ट्रेन से लखनऊ पहुँच गऐ। पर हमें 2 घंटे तक स्टेशन पर ही उनका इंतज़ार करना पड़ा। इस तरह से रेल की पहली यात्रा मेरे लिए और यादगार बन गई।

फिर हम वहाँ शादी में सम्मिलित हुए। उसके बाद वहाँ पर घूमे-फिरे। लखनऊ का चिड़ियाघर मुझे बहुत पसंद आया। मैं दिल्ली के चिड़ियाघर में भी गया हूँ परंतु लखनऊ के चिड़ियाघर के जानवर बहुत ही तंदरुस्त थे।

लखनऊ में खूब मौज-मस्ती करने के बाद हम रेलगाड़ी से ही अपने घर वापस आ गऐ।

Essay on my Train journey in English

I traveled by train for the first time when I was 10 years old. For the first time, I was sitting on a train from Jammu to Lucknow.

My first train journey was very memorable. This journey from Jammu to Lucknow was about 21 hours.

We went to a wedding in Lucknow. So many of our relatives also went with us from here. We all had our seats around in the same compartment.

All the children together had a lot of fun on the train. We boarded the train from Jammu at 8 pm and reached Lucknow the next day at 5 pm. We had a sleeper seat ticket, so we slept in our seats at night.

As soon as we got up in the morning, all of us kids started having fun. We run here and there. When our train stopped at a station, our relatives got down there and started taking goods.

They got so busy getting the goods that they could not know the time and our train started running. Those people remained there.

Then everyone got very upset. Everyone started thinking about what to do now. Then my father called him and suggested that you can come on the next coming train.

He also did the same, he reached Lucknow by the next train. But we had to wait for him at the station for 2 hours. In this way, the first train journey became more memorable for me.

Then we attended the wedding there. After that roam around there. I really liked Lucknow Zoo. I have also gone to a zoo in Delhi but the animals in Lucknow zoo were very healthy.

After having a lot of fun in Lucknow, we came back to our home by train.

Leave a Comment