न तुम सा कोई चाहिए न तुमसे बेहतर मेरी पहली और आखिरी पसंद हो तुम||

जब इश्क़ की बीमारी लगती है, तो बिना "makeup" वाली भी प्यारी लगती है

किसी और की जगह बाकी ही नहीं मुझ में हम तुमसे शुरू होकर तुमपे ही ख़त्म होते है

तुझे देखते ही मेरा खिलना एक तरफ, घर पे झूठ बोलके मेरा तुझसे मिलना एक तरफ||

किसी दूसरे की तारीफ क्या करना जब अपना हमसफर ही लाजवाब हो

जिस ख़ुशी की तलाश थी हमें, बस वही हो तुम||

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